रामनगर के मालधन क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक उपभोक्ता ने ऊर्जा निगम के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि विभागीय कर्मियों ने उनसे कथित रूप से 15 किलो मुर्गा देने की मांग की थी। मांग पूरी न करने पर उनके घर पर कार्रवाई करते हुए करीब 02 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोक दिया गया।

पीड़ित जयपाल सिंह के अनुसार, उनके घर में दो बिजली कनेक्शन हैं और दोनों के बिल वे नियमित रूप से जमा करते रहे हैं। एक कनेक्शन पोल्ट्री फार्म के लिए है, जो उनके नाम पर है। दूसरा कनेक्शन उनकी पत्नी के नाम पर है। जिस पर हाल ही में मीटर लगाया गया। उनका दावा है कि घर में बिजली की खपत बेहद कम है और बड़े उपकरण भी नहीं हैं।
जयपाल सिंह का आरोप है कि विभागीय टीम ने बिना उचित जांच के ही उन पर जुर्माना लगा दिया। उनका कहना है कि वर्षों से बिल भरने के बावजूद अचानक इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर में पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पड़ोसी के कनेक्शन से मोटर चल रही थी।वहीं, पड़ोस में रहने वाली सीता देवी ने भी पुष्टि की कि पिछले कुछ समय से उन्होंने अपने कनेक्शन से पानी की सुविधा दी हुई थी।
मामले में जयपाल सिंह की पत्नी नरमा देवी ने भी कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, मीटर से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उन्हें पुलिस कार्रवाई की धमकी दी।
हालांकि, बिजली विभाग ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है। विभाग के जूनियर इंजीनियर मतीम खान के मुताबिक, जांच विजिलेंस टीम और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में की गई थी। निरीक्षण के दौरान जो भी उपकरण पाए गए, उन्हें नियमानुसार दर्ज किया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता की ओर से सभी कनेक्शनों की सही जानकारी पहले उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जांच के दौरान ही दूसरे कनेक्शन की जानकारी सामने आई, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है और सच्चाई जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।