अंधेरे में गोदाम तक पहुंचाई जा रही थी खेप, कानपुर, सुल्तानपुर और हैदराबाद की बिलिंग मिली, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में नकली NCERT किताबों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रुद्रपुर पुलिस ने देर रात एक ट्रक को रोककर कार्रवाई की तो उसमें भरी संदिग्ध किताबों की खेप बरामद हुई। बाद में संबंधित गोदाम की तलाशी लेने पर भी भारी मात्रा में किताबें मिलीं। ट्रक और गोदाम से बरामद किताबों की संख्या एक लाख से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि ग्राम कीरतपुर स्थित एक गोदाम में NCERT की किताबों से भरा ट्रक पहुंचने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निगरानी शुरू कर दी। रात करीब एक बजे आनंद बैंक्वेट हॉल के पास ट्रक को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान ट्रक में बड़ी संख्या में कक्षा 1 से 12 तक की विभिन्न विषयों की किताबें मिलीं। इसके बाद पुलिस ने गोदाम की भी जांच की, जहां और किताबें बरामद हुईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने किताबों के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण की जानकारी NCERT को भी भेजी गई है।जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों में कानपुर, सुल्तानपुर और हैदराबाद से संबंधित बिलिंग के संकेत मिले हैं। इसके अलावा जांच में गौलापार (हल्द्वानी) स्थित राजीव बुक डिपो और रामपुर का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किताबें कहां छापी गईं और इन्हें किन बाजारों में सप्लाई किया जाना था।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर किताबों का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में कई तकनीकी खामियां सामने आने के बाद किताबों के अनधिकृत रूप से छापे जाने की आशंका जताई गई है। प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया किताबों में कई तरह की गड़बड़ियां नजर आई हैं। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी NCERT को भेज दी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों के लिए NCERT की किताबों की छपाई केवल तीन अधिकृत प्रिंटिंग फर्मों को दी गई है। इनमें हल्द्वानी की राज एंटरप्राइजेज, दीपक प्रिंटर्स और मथुरा स्थित आस्टर प्रिंटर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के अलावा किसी अन्य संस्था को NCERT की किताबें छापने की अनुमति नहीं है। ऐसे में बरामद किताबों की खेप पर संदेह और गहरा गया है।